दुनिया के अनसुलझे रहस्य जो बहुत ही रहस्यमई है

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दुनिया के अनसुलझे रहस्य

रहस्य एक ऐसा नाम है जिसे सुनकर हर किसी का ध्यान इस और आकर्षित होता है। हमारी दुनिया काफी विशालकाय है। जिसमें हमारा ब्रह्मांड, जीव-जन्तु, हम इंसान, पदार्थ, भौतिक वस्तुएँ आदि शामिल है। हमारे इस संसार में अनगिनत ऐसे रहस्य छुपे हुए है, जिन्हें समझना काफी मुश्किल है। यह दुनिया के अनसुलझे रहस्य काफी विचित्र है, जो अपने आप को काफी हैरतअंगेज भी बनाते है।

हालाँकि इन रहस्यों को सुलझा पाना काफी मुश्किल है। लेकिन फिर भी इंसान अपने सोचने और करने की शक्ति के कारण, इन रहस्यों को सुलझाने की कोशिश में लगा हुआ है। आज हम दुनिया के 5 ऐसे अनसुलझे रहस्यों के बारे में जानेंगे, जो काफी समय से हमारे इस इंसानी दिमाग के लिए एक पहेली बने हुए हैं।

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दुनिया के अनसुलझे रहस्य

1. हमारी दुनिया का अंत

जिसने भी इस संसार में जन्म लिया है, उसका एक दिन अंत होना निश्चित है। यही प्रकृति का सबसे बड़ा नियम है। लेकिन क्या आप बता सकते है कि कैसे होगा इस दुनिया का अंत? कैसे होगा इस ब्रह्मांड का अंत?

सदियों से मानव ने इस रहस्यमई आकाश को समझने की कोशिश की है। लेकिन फिर भी वक्त के साथ यह और भी जटिल होता गया। जितनी हमने अपनी सोच को बढ़ाने की कोशिश की है, उतनी ही इस ब्रह्मांड ने हमारी सोच को कम किया है।

हमारे ब्रह्मांड के अंत के बारे में सबसे बड़ा सिद्धांत “बिग क्रंच” काफी प्रभावशाली नजर आता है। इस सिद्धांत के अनुसार एक दिन गुरुत्वाकर्षण बल के कारण हमारा पूरा ब्रह्मांड एक बिन्दु में समा जाएगा। जैसे “बिग बैंग” से इसका विस्तार हुआ था। सभी ग्रह, तारे, आकाशगंगाएं, क्लस्टर एक बिन्दु में समा जाएंगे। यह प्रक्रिया तब तक होती रहेगी, जब तक की पूरा ब्रह्मांड समाप्त न हो जाए।

लेकिन “बिग क्रंच” एकमात्र ऐसा सिद्धांत नहीं है, जो हमारे अंत की कल्पना करता है। बल्कि बिग फ्रिज, बिग बाउंस और बिग रिप भी हमारी दुनिया के अंत के बारे में बताते हैं। लेकिन इसे अभी होने में अरबों साल लग सकते है।

2. येती का वजूद

आपने किस्से कहानियों में जरूर सुना होगा कि किसी समय में हमारी पृथ्वी पर बड़े-बड़े इंसान पाए जाते थे। इनका आकार लगभग 15 से 20 फीट तक होता था। आज के समय में यह यकीन कर पाना थोड़ा मुश्किल है।

लेकिन यह आज भी दुनिया में पाये जाते हैं, इनकी आकृति कुछ-कुछ वानर जैसी होती है। जो देखने में बहुत ही डरावना होते हैं। सर्वप्रथम इसे भारत के उतरी क्षेत्र हिमालय में देखा गया। 1832 में सर्वप्रथम बी.एच. हॉजसन (एक पर्वतारोही) ने इसे देखने का दावा किया था।

उन्होने कहा कि जब वो उत्तरी नेपाल में काम कर रहे थे, तब उन्हें एक लंबा, दो पैर वाला जीव दिखाई दिया। जो पूरा का पूरा बालों से ढका हुआ था। जिसे देखने पर ऐसा प्रतीत हो रहा था, जैसे वो कोई वनमानुष हो।

लेकिन हाल ही में भारतीय सेना ने भी येती के बारे में अपने दावे पेश किए हैं। भारतीय सेना के अनुसार उनके एक दल ने 9 अप्रैल, 2019 को 32X15 इंच के बड़े-बड़े पैरो के निशान देखे। जिन्हें देखकर सभी यह कयास लगाए रहे है कि यह येती के पैरों के निशान है। लेकिन जो भी हो समय-समय पर येती ने अपने वजूद को इशारों-इशारों में समझाने की कोशिश की है।

3. क्लियोपेट्रा का मकबरा कहां है?

मिस्र की रानी किल्योपेट्रा को प्राचीन इतिहास की सबसे खूबसूरत महिला कहा जाता है। खूबसूरती के साथ-साथ किल्योपेट्रा एक क्रूर, चतुर और षड्यंत्रकारी महिला भी थी। वो अपनी खूबसूरती का फायदा अपने दुश्मनों को आपस में लड़ाकर उठाती थी।

किल्योपेट्रा इतनी खूबसूरत थी कि उससे हर शख्स संबंध बनाना चाहता था। वो अपने हुस्न का ऐसा जाल बुनती थी, कि कोई भी उससे बचकर नहीं निकल पाता था। उसे 5 भाषाओं का ज्ञान था, जिस कारण वो किसी के साथ भी अपनी समझ बना लेती। फिर धीरे-धीरे वो उसकी जड़ें खोदने लग जाती थी।

धीरे-धीरे उसने रोमन साम्राज्य के सम्राट जूलियस सीजर को अपने प्रेम जाल में फंसा लिया। और सीजर के साथ मिलकर मिस्र पर अपना अधिकार जमा लिया। हालाँकि किल्योपेट्रा सीजर कि रखेल थी, इसलिए रोमन साम्राज्य के लोग इस बात का पुरजोर विरोध करते थे। इसी समय में सीजर के जनरल मार्क एंथोनि ने किल्योपेट्रा से विवाह करने का मन बनाया।

फिर दोनों ने चुपके से शादी कर ली, जिससे उनके 3 बच्चे हुए। लेकिन किल्योपेट्रा का मकसद रोमन साम्राज्य पर शासन करना था। उसने एंथोनि के साथ मिलकर सीजर को मौत के घाट उतार दिया। लेकिन फिर भी उन्हें रोमन साम्राज्य नहीं मिल सका।

किल्योपेट्रा ने एंथोनि के सामने एक जहरीले सर्प से डसवाकर मौत को गले लगा लिया। इसी पल एंथोनि ने भी किल्योपेट्रा के साथ आत्महत्या कर ली। इतिहासकारों कि माने तो किल्योपेट्रा और एंथोनि को एक साथ एक कब्र में दफनाया गया था। कहा जाता है कि इनके मकबरे में हीरे, मोती, सोना, चाँदी, पन्ना, आभूषण, हाथी दांत से बने आभूषण अनेकों ढेर सारी बेशकीमती वस्तुएं थी।

लेकिन किल्योपेट्रा का मकबरा आज एक रहस्य बना हुआ है। 2010 में मिस्र के पुरातन मंत्री Zahi Hawaas ने तपोसीरिस मैग्ना के पास खुदाई की, तो उन्हें वहाँ ढ़ेर सारी कब्रें मिली। जो किल्योपेट्रा के शासन काल की थी। लेकिन अचंभे की बात तो यह है कि वहाँ उन्हें किल्योपेट्रा की कब्र नहीं मिली। तो आखिर किल्योपेट्रा की कब्र कहाँ है?

4. डार्क मैटर

यह नाम सुनने में भले ही आपको छोटा लगता हो, लेकिन यह आधुनिक साइन्स का सबसे बड़ा रहस्य है। यह एक ऐसा  रहस्य है जो दुनिया के अनसुलझे रहस्य में सबसे बड़ा रहस्य है। इसे कभी देखा नहीं जा सकता, बल्कि महसूस किया जा सकता है। यह हमारे बीच मौजूद तो नहीं है, लेकिन फिर भी हमारा वजूद कहीं न कहीं इससे जुड़ा हुआ है।

ब्रह्मांड की सभी वस्तुएँ जो हम देख सकते है, पूरे ब्रह्मांड के 5% से भी कम है। जैसे तारे, गृह, स्पाइडर वेब, आकाशगंगाएँ आदि मिलकर पूरे ब्रह्मांड के 5% का निर्माण करते हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि बाकी जगह क्या है? जो हमें दिखाई नहीं देता है। तो इसका जवाब थोड़ा पेचीदा है। वैज्ञानिकों की मानें तो पूरे ब्रह्मांड का 25% हिस्सा डार्क मैटर और 70% हिस्सा डार्क एनर्जि है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि डार्क मैटर उस मकड़ी के जाले की तरह काम करता है, जो आकाशगंगा को एक साथ बांधे रखता है। इस मैटर के बिना आकाशगंगा बिखर जाएगी, क्योंकि किसी वस्तु को बांधे रखने के लिए किसी सहारे की आवश्यकता होती है। एक आकाशगंगा में उसके पूरे मैटर का सिर्फ 1% तारे होते है, जिनमें इतना बल नहीं है कि वो एक गैलेक्सी को बांध सके।

बस फिर वैज्ञानिकों ने इस बात पर गौर करना शुरू किया कि कोई तो ऐसा बल है, जो पूरी गैलेक्सी को एक साथ बांधे रखता है। फिर इसी से शुरुआत होती है डार्क मैटर के उद्भव की। अब धीरे-धीरे ढेर सारी थ्योरी निकल के आ रही है, जो डार्क मैटर को समझने में हमारी सहायता करती है।

डार्क मैटर को समझना नामुमकिन है, क्योंकि यह न तो दिखाई देता है और न ही यह कोई प्रतिक्रिया करता है। लेकिन फिर भी इसे हमें स्वीकार करना पड़ेगा, क्योंकि इसी के गुरुत्वाकर्षण बल पर पूरा ब्रह्मांड चलता है।

5. एलियन

एलियन एक ऐसा शब्द है, जिसे सुनकर हमारे रौंगटे खड़े हो जाते है। हम सोचने पर मजबूर हो जाते है, कि क्या वाकई में कोई जीव ब्रह्मांड में है। जो हमारी तरह ही किसी अन्य ग्रह या अन्य सौरमंडल में रहते हो। क्या वे हमारे जैसे हैं, या हमसे अलग हैं। सदियों से एलियन हम इन्सानों के लिए एक पहेली बने हुए है।

वे जीव जो धरती के ना होकर आकाश में कहीं और रहते हैं, एलियन कहलाते हैं। इतिहास में ऐसी बहुत सारी सभ्यताएं हुई हैं, जहां हमें एलियन होने के सबसे ज्यादा सबूत मिलते है। गिजा के पिरामिड आज भी हर किसी के लिए एक बड़ा सवाल बने हुए हैं। वैज्ञानिकों की मानें तो इन पिरामिडों का निर्माण एलियन्स द्वारा किया गया था।

इतिहासकारों और वैज्ञानिकों की मानें तो 10,000 वर्ष पहले हमारी धरती पर एलियन्स आए थे। उन्हीं ने हम इन्सानों को रहने, खाने-पीने, जीने का ज्ञान दिया था। समाज की रचना करना भी हमें एलियन्स ने सिखाया था। इसके अलावा ऐसी बहुत सारी बातें हैं जो हमने एलियन्स से सीखी है।

बहुत रिसर्च के बाद इस बात का पता चला है, कि ‘ओरायन’ नक्षत्र ही एक मात्र ऐसी जगह है, जहां हमें एलियन्स होने के सबूत मिल सकते है। वैसे तो इस नक्षत्र में बहुत सारे तारें है, लेकिन इसमें मौजूद 7 तारों का समूह सबसे रहस्यमई है। जो हमसे लगभग 1500 प्रकाश वर्ष दूर है।

तो फिर यह सवाल फिर से आता है, कि वो आज तक हमारे सामने क्यों नहीं आए? क्या वो हमसे अलग है, या हमारे बीच ही रह रहे हैं। वो हमसे कितने एडवांस हैं, उनकी सोच और हमारी सोच में कितना फर्क है? एलियन दुनिया के अनसुलझे रहस्य में बहुत ही सोचने वाला रहस्य है।

आज हमने दुनिया के अनसुलझे रहस्य के बारे में जाना, जो वाकई में बहुत ही रहस्यमई है।

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