हाल ही में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने एक एग्जोप्लेनेट या सुपरअर्थ की खोज की है जो हमारे प्लेनेट यानि पृथ्वी से 4 गुणा बड़ा है।

खगोलविदों ने इसे Ross 508 b नाम दिया है। यह भी पृथ्वी की तरह एक सूर्य जैसे तारे के गिर्द चक्कर लगाता है.

यह 36.5 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है इसलिए नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता है।

Ross 508 b प्लेनेट तारे के पास उस दूरी पर घूमता है जिससे कि ग्रह पर पानी के बनने योग्य तापमान बना रहे।

यह तारा सूरज से छोटा है इसलिए Ross 508 b इसके चारों ओर एक चक्कर को 10.75 दिन में पूरा कर लेता है।

यह जिस तारे के पास स्थित है, उसका नाम Ross 508 बताया गया है। यह हमारे सूर्य के केवल 18 प्रतिशत भाग जितना बड़ा है।

इसी कारण यह सबसे मंद और सबसे छोटा तारा साबित होता है जिसके पास अपना एक कक्षीय संसार है।

इसे रेडिएल वैलोसिटी के माध्यम से खोजा गया है। रेडिएल वैलोसिटी या वॉब्बल या डॉपलर तरीका एक्जोप्लेनेट्स को खोजने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

यह तकनीक ऐसे ग्रहों को खोजने में ज्यादा कारगर है जो गैसीय अवस्था में हैं, ऐसी दूरी जहां पर पानी का बने रहना संभव नहीं है।

2022 में Gamezop से ज्यादा पैसे कैसे कमाएं। जानने के लिए नीचे दिए बटन पर क्लिक करें